
...
"जां..
तेरी ख़ुशी की लकीर..साँसों से लिख दूँ.. इज़ाज़त है..??
तेरी आँखों की कशिश..बोसे से चख़ दूँ..इज़ाज़त है..??
तेरी रूह की तपिश..पोर से मढ़ दूँ..इज़ाज़त है..??
बोलो न..#जां..
तेरी बाँहों में..इबादत एक और रच दूँ..इज़ाज़त है..??"
...
--ज़वाब के इंतज़ार में..
2 ...Kindly express ur views here/विचार प्रकट करिए..:
Sundar aur gehri abhivyakti
हार्दिक धन्यवाद..शिव राज शर्मा जी..!!
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