Sunday, November 17, 2013

'समर्पण की खुशहाली..'





...

"जीवन की परिभाषा ऐसी..
किसने बनायी है..
क्यूँ बेटी अपने घर से ही..
हुई परायी है..

काश! समझते जो बनाते..
ताने-वाने..
जीवन में समर्पण की खुशहाली..
एक वो ही लायी है..!!"

...

19 ...Kindly express ur views here/विचार प्रकट करिए..:

parul said...

समर्पण की खुशहाली... अपने आप में सबकुछ कहते हैं ये शब्द... बहुत सुन्दर

Guzarish said...

नमस्कार !
आपकी इस प्रस्तुति की चर्चा कल सोमवार [18.11.2013]
चर्चामंच 1433 पर
कृपया पधार कर अनुग्रहित करें |
सादर
सरिता भाटिया

priyankaabhilaashi said...

धन्यवाद पारुल चंद्रा जी..!!

राजीव कुमार झा said...

बहुत सुन्दर .
नई पोस्ट : मेघ का मौसम झुका है

दिगम्बर नासवा said...

सच कहा है .. खुशहाली लाती हैं बेटियाँ ...

sushmaa kumarri said...

खुबसूरत अभिवयक्ति.....

यशवन्त माथुर (Yashwant Raj Bali Mathur) said...

कल 20/11/2013 को आपकी पोस्ट का लिंक होगा http://nayi-purani-halchal.blogspot.in पर
धन्यवाद!

ANULATA RAJ NAIR said...

बेटियों सी प्यारी रचना..

अनु

priyankaabhilaashi said...

धन्यवाद सरिता भाटिया जी..

सादर आभार..!!

priyankaabhilaashi said...

धन्यवाद राजीव कुमार झा जी..!!!

priyankaabhilaashi said...

धन्यवाद दिगंबर नासवा जी..!!

priyankaabhilaashi said...

धन्यवाद सुषमा 'आहुति' जी..!!

priyankaabhilaashi said...

धन्यवाद यशवंत जी..

सादर आभार..!!

Vaanbhatt said...

सुंदर सन्देश...

HARSHVARDHAN said...

सुन्दर रचना।।

नई कड़ियाँ : मेरी भोपाल यात्रा (पहला दिन) - श्री लक्ष्मी नारायण मंदिर, भोपाल

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priyankaabhilaashi said...

धन्यवाद vaanbhatt जी..!!

priyankaabhilaashi said...

धन्यवाद हर्षवर्धन जी..!!

priyankaabhilaashi said...

धन्यवाद एक्सप्रेशंस जी..!!

Arun sathi said...

बहुत सटीक