skip to main
|
skip to sidebar
प्रियंकाभिलाषी..
दस्तक-ए-मेहमान..
Facebook Badge
Priyanka Jain
Create Your Badge
Saturday, June 29, 2013
'सुनो..'
...
"सुनो..
तुम्हें पसंद है न..
बारिश की बूँदें..
रिसता प्यार..
और..
उसमें क़ैद दर्द..
तेरे जाने के बाद..
नहीं सुहाती बारिश..
रश्क़ है बूंदों से..
कुछ रोज़ हुए..
बाहर निकलती नहीं..
बारिश में..
बुलायें यादें कितना..!!"
...
2 ...Kindly express ur views here/विचार प्रकट करिए..:
संजय भास्कर
said...
कुछ तो है इस कविता में, जो मन को छू गयी।
June 29, 2013 at 5:59 PM
priyankaabhilaashi
said...
धन्यवाद संजय भास्कर जी..!!
July 28, 2013 at 3:12 AM
Post a Comment
Newer Post
Older Post
Home
Home
About
FAQ
Contact
Labels
ज़िन्दगी..
(1)
'दी..'
(20)
'पर्दादारी..'
(2)
अंतर्मन की पुकार..
(25)
अस्तित्व
(1)
उपकार..
(12)
कहानी..
(26)
ग़ज़ल..
(19)
गुरुजन..
(11)
जगजीत साब..
(1)
ज़मीनी हकीक़त..
(21)
जां
(1)
ज़िंदगी
(5)
ज़िन्दगी
(4)
ज़िन्दगी..
(35)
जीवन
(2)
ज्वलनशील-कथन..
(6)
तुम
(1)
त्रिवेणी..
(35)
दास्तान-ए-दिल..
(66)
देश-प्रेम..
(4)
दोस्त
(1)
दोस्ती
(2)
दोस्ती..
(15)
प्रेम
(5)
प्रेरणादायी सन्देश..
(23)
फंतासी..
(2)
बस यूँ ही..
(50)
बारिश..
(7)
बेज़ुबां ज़ख्म..
(109)
बेटू..
(3)
बेबाक हरारत..
(40)
माँ..
(14)
मेहमां यादें..
(15)
मोहब्बत
(5)
रुबाई..
(3)
रूमानियत..
(136)
वक़्त
(1)
सियासत के रंग..
(3)
स्मृति..
(5)
स्वच्छंद पंछी..
(9)
हम-ज़लीस/परम-प्रिय मित्र..
(10)
हल्का-फुल्का..
(8)
हास्य..
(6)
निरन्तर नया पाइए/Get new everytime..
तारीख़-ए-कलम..
►
2025
(1)
►
January
(1)
►
2024
(2)
►
November
(1)
►
January
(1)
►
2023
(6)
►
April
(4)
►
March
(2)
►
2022
(10)
►
August
(1)
►
July
(1)
►
June
(1)
►
April
(2)
►
March
(1)
►
February
(1)
►
January
(3)
►
2021
(8)
►
August
(5)
►
June
(2)
►
January
(1)
►
2020
(2)
►
November
(1)
►
October
(1)
►
2019
(2)
►
February
(2)
►
2018
(4)
►
October
(2)
►
February
(1)
►
January
(1)
►
2017
(9)
►
December
(3)
►
October
(2)
►
July
(1)
►
June
(1)
►
May
(1)
►
April
(1)
►
2016
(17)
►
October
(1)
►
September
(4)
►
May
(1)
►
April
(3)
►
March
(3)
►
February
(3)
►
January
(2)
►
2015
(67)
►
November
(12)
►
October
(5)
►
September
(1)
►
August
(7)
►
July
(7)
►
June
(9)
►
May
(3)
►
April
(9)
►
March
(2)
►
February
(5)
►
January
(7)
►
2014
(112)
►
December
(4)
►
November
(9)
►
October
(6)
►
September
(6)
►
August
(2)
►
July
(9)
►
June
(9)
►
May
(10)
►
April
(9)
►
March
(17)
►
February
(15)
►
January
(16)
▼
2013
(131)
►
December
(13)
►
November
(10)
►
October
(8)
►
September
(3)
►
August
(9)
►
July
(11)
▼
June
(17)
'शोहरत के मुहताज़..'
'आठ..'
'चौथी बारिश..'
'सुनो..'
'तुम्हारी हर शै..'
'मेरे राज़दां..'
'लबरेज़ सहर..'
'रूल..'
'उठो..'
'ह्रदय-उपवन..'
'तीसरी बारिश..'
'तार' की स्मृति..
'अनमोल धरोहर..'
'बेगैरत..'
'शफ़क़..'
'प्यारे दोस्त..'
'फ़रियाद..'
►
May
(9)
►
April
(11)
►
March
(3)
►
February
(15)
►
January
(22)
►
2012
(127)
►
December
(13)
►
November
(11)
►
October
(8)
►
September
(15)
►
August
(17)
►
July
(10)
►
June
(5)
►
May
(7)
►
April
(15)
►
March
(16)
►
February
(4)
►
January
(6)
►
2011
(209)
►
December
(14)
►
November
(10)
►
October
(26)
►
September
(19)
►
August
(14)
►
July
(32)
►
June
(13)
►
May
(17)
►
April
(16)
►
March
(15)
►
February
(14)
►
January
(19)
►
2010
(241)
►
December
(18)
►
November
(21)
►
October
(18)
►
September
(21)
►
August
(14)
►
July
(11)
►
June
(20)
►
May
(23)
►
April
(24)
►
March
(22)
►
February
(22)
►
January
(27)
►
2009
(20)
►
December
(20)
2 ...Kindly express ur views here/विचार प्रकट करिए..:
कुछ तो है इस कविता में, जो मन को छू गयी।
धन्यवाद संजय भास्कर जी..!!
Post a Comment