skip to main
|
skip to sidebar
प्रियंकाभिलाषी..
दस्तक-ए-मेहमान..
Facebook Badge
Priyanka Jain
Create Your Badge
Wednesday, December 11, 2013
'बेदख़ल होतीं राहें..'
...
"खुशियाँ भी झूठी हैं..गम तो अपने रहने दो..!! सुनो, चाहे जितना दम लगा लेना..मुझसे न ले सकोगे अपनी रूह का हिस्सा..जो सिर्फ मेरा है..और ता-उम्र रहेगा..!!"
...
--बेदख़ल होतीं राहें..
2 ...Kindly express ur views here/विचार प्रकट करिए..:
दिगम्बर नासवा
said...
रूह का संबंध रूह से है ... उसे लेना संभव कहां ...
December 11, 2013 at 11:18 PM
priyankaabhilaashi
said...
धन्यवाद दिगम्बर नासवा जी..!!
December 12, 2013 at 10:23 AM
Post a Comment
Newer Post
Older Post
Home
Home
About
FAQ
Contact
Labels
ज़िन्दगी..
(1)
'दी..'
(20)
'पर्दादारी..'
(2)
अंतर्मन की पुकार..
(25)
अस्तित्व
(1)
उपकार..
(12)
कहानी..
(26)
ग़ज़ल..
(19)
गुरुजन..
(11)
जगजीत साब..
(1)
ज़मीनी हकीक़त..
(21)
जां
(1)
ज़िंदगी
(5)
ज़िन्दगी
(4)
ज़िन्दगी..
(35)
जीवन
(2)
ज्वलनशील-कथन..
(6)
तुम
(1)
त्रिवेणी..
(35)
दास्तान-ए-दिल..
(66)
देश-प्रेम..
(4)
दोस्त
(1)
दोस्ती
(2)
दोस्ती..
(15)
प्रेम
(5)
प्रेरणादायी सन्देश..
(23)
फंतासी..
(2)
बस यूँ ही..
(50)
बारिश..
(7)
बेज़ुबां ज़ख्म..
(109)
बेटू..
(3)
बेबाक हरारत..
(40)
माँ..
(14)
मेहमां यादें..
(15)
मोहब्बत
(5)
रुबाई..
(3)
रूमानियत..
(136)
वक़्त
(1)
सियासत के रंग..
(3)
स्मृति..
(5)
स्वच्छंद पंछी..
(9)
हम-ज़लीस/परम-प्रिय मित्र..
(10)
हल्का-फुल्का..
(8)
हास्य..
(6)
निरन्तर नया पाइए/Get new everytime..
तारीख़-ए-कलम..
►
2025
(1)
►
January
(1)
►
2024
(2)
►
November
(1)
►
January
(1)
►
2023
(6)
►
April
(4)
►
March
(2)
►
2022
(10)
►
August
(1)
►
July
(1)
►
June
(1)
►
April
(2)
►
March
(1)
►
February
(1)
►
January
(3)
►
2021
(8)
►
August
(5)
►
June
(2)
►
January
(1)
►
2020
(2)
►
November
(1)
►
October
(1)
►
2019
(2)
►
February
(2)
►
2018
(4)
►
October
(2)
►
February
(1)
►
January
(1)
►
2017
(9)
►
December
(3)
►
October
(2)
►
July
(1)
►
June
(1)
►
May
(1)
►
April
(1)
►
2016
(17)
►
October
(1)
►
September
(4)
►
May
(1)
►
April
(3)
►
March
(3)
►
February
(3)
►
January
(2)
►
2015
(67)
►
November
(12)
►
October
(5)
►
September
(1)
►
August
(7)
►
July
(7)
►
June
(9)
►
May
(3)
►
April
(9)
►
March
(2)
►
February
(5)
►
January
(7)
►
2014
(112)
►
December
(4)
►
November
(9)
►
October
(6)
►
September
(6)
►
August
(2)
►
July
(9)
►
June
(9)
►
May
(10)
►
April
(9)
►
March
(17)
►
February
(15)
►
January
(16)
▼
2013
(131)
▼
December
(13)
'धरती-माँ..'
'दर्द और आगोश..'
'वो मैं था..'
'स्याह दूरियां..'
'किस्सा..'
'आँखें..'
'हर्फ़..'
'ज्वनशील तत्व..'
'पत्र की पात्रता..'
'बेदख़ल होतीं राहें..'
'साज़..'
'अनुभूति का वरदान..'
'तुम परिंदे हो..'
►
November
(10)
►
October
(8)
►
September
(3)
►
August
(9)
►
July
(11)
►
June
(17)
►
May
(9)
►
April
(11)
►
March
(3)
►
February
(15)
►
January
(22)
►
2012
(127)
►
December
(13)
►
November
(11)
►
October
(8)
►
September
(15)
►
August
(17)
►
July
(10)
►
June
(5)
►
May
(7)
►
April
(15)
►
March
(16)
►
February
(4)
►
January
(6)
►
2011
(209)
►
December
(14)
►
November
(10)
►
October
(26)
►
September
(19)
►
August
(14)
►
July
(32)
►
June
(13)
►
May
(17)
►
April
(16)
►
March
(15)
►
February
(14)
►
January
(19)
►
2010
(241)
►
December
(18)
►
November
(21)
►
October
(18)
►
September
(21)
►
August
(14)
►
July
(11)
►
June
(20)
►
May
(23)
►
April
(24)
►
March
(22)
►
February
(22)
►
January
(27)
►
2009
(20)
►
December
(20)
2 ...Kindly express ur views here/विचार प्रकट करिए..:
रूह का संबंध रूह से है ... उसे लेना संभव कहां ...
धन्यवाद दिगम्बर नासवा जी..!!
Post a Comment