Monday, September 19, 2011

'वफ़ा के दरीचे..'



...


"बेवफ़ा रहूँ..
ता-उम्र..
काफी है..

जिस्म से गिरते नहीं..
वफ़ा के दरीचे..!!"


...

18 ...Kindly express ur views here/विचार प्रकट करिए..:

Unknown said...

गिरना भी नहीं चाहिए ...सुन्दर !

Rakesh Kumar said...

क्या बात है जी,प्रियाकाभिलाषी जी.
वफ़ा के दरीचे के साथ बेवफा.

मेरे ब्लॉग पर आईयेगा न,
आपका इंतजार है

shephali said...

its awsm
m speechless

संजय भास्‍कर said...

Beautiful as always...

ननिहाल की कुछ यादें 
'आदत.. मुस्कुराने की' पर आकर नयी पोस्ट ज़रूर पढ़े .........धन्यवाद |

sushma verma said...

बहुत खूब....

priyankaabhilaashi said...

धन्यवाद दी..!!

priyankaabhilaashi said...

धन्यवाद राकेश कुमार जी..!!

priyankaabhilaashi said...

धन्यवाद शेफाली जी..!!

priyankaabhilaashi said...

धन्यवाद संजय भास्कर जी..!!

priyankaabhilaashi said...

धन्यवाद सुषमा 'आहुति' जी..!!!

shikha varshney said...

वाह ...बहुत खूब...गहन.

priyankaabhilaashi said...

धन्यवाद शिखा वार्ष्णेय जी..!!!

Maheshwari kaneri said...

भावों की सुंदर अभिव्यक्ति........

priyankaabhilaashi said...

धन्यवाद महेश्वरी कनेरी जी..!!

सागर said...

ati sundar....

priyankaabhilaashi said...

धन्यवाद सागर जी..!!

Udan Tashtari said...

क्या बात है!!

priyankaabhilaashi said...

धन्यवाद उड़न तश्तरी जी..!!