Wednesday, September 7, 2011

'बारिश की बूँदें..'






...


"कुछ बारिश की बूँदें..
गीली ना होतीं काश..
थमा देती..
जज्बातों के लिहाफ..!!"


...

16 ...Kindly express ur views here/विचार प्रकट करिए..:

चन्द्र भूषण मिश्र ‘ग़ाफ़िल’ said...

बहुत सुन्दर अभिव्यक्ति

Unknown said...

काश..............!!

Unknown said...

धन्यवाद चन्द्र भूषण मिश्र 'गाफिल' जी..!!

Unknown said...

धन्यवाद दी..!!

Yashwant Mathur said...

वाह!
चंद पंक्तियों मे आप बहुत खूबसूरती से अपनी बात कह देती हैं।
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कल 09/09/2011 को आपकी यह पोस्ट नयी पुरानी हलचल पर लिंक की जा रही हैं.आपके सुझावों का स्वागत है .
धन्यवाद!

Sunil Kumar said...

बहुत खूब.....

shephali said...

चाँद शब्दों में कितना कुछ कह दिया आपने
बहुत खूब

शेखर चतुर्वेदी said...

Short and sweet !!


visit :

http://sahitya-varidhi-sudhakar.blogspot.com

संगीता स्वरुप ( गीत ) said...

जज्बातों के लिहाफ ..वाह क्या बात है ..सुन्दर

Unknown said...

धन्यवाद यशवंत माथुर जी..!!

Unknown said...

धन्यवाद सुनील कुमार जी..!!

Unknown said...

धन्यवाद शेफाली जी..!!

Unknown said...

धन्यवाद शेखर चतुर्वेदी जी..!!

Unknown said...

धन्यवाद संगीता आंटी..!!

Udan Tashtari said...

उम्दा सोच!

Unknown said...

धन्यवाद उड़न तश्तरी जी..!!