Wednesday, September 28, 2011

'यादों की गली..'



...


"सौंधी खुशबू उड़ाती..
ख्वाब जन्नत बनाती..
गुलाबी बारिश सजाती..

यादों की गली भी ना..
बारहां..
तन्हा ही होती है..!!"


...

10 ...Kindly express ur views here/विचार प्रकट करिए..:

संजय भास्‍कर said...

गजब कि पंक्तियाँ हैं ...

priyankaabhilaashi said...

धन्यवाद संजय भास्कर जी..!!

Unknown said...

यादों का सफर तनहा ही अच्छा होता है

sushma verma said...

यादो से सरोबर पंक्तिया.....

दिलबागसिंह विर्क said...

आपकी पोस्ट आज के चर्चा मंच पर प्रस्तुत की गई है
कृपया पधारें
चर्चा मंच-652 , चर्चाकार-दिलबाग विर्क

Udan Tashtari said...

उम्दा रचना..

priyankaabhilaashi said...

धन्यवाद दी..!!

priyankaabhilaashi said...

धन्यवाद सुषमा 'आहुति' जी..!!!

priyankaabhilaashi said...

धन्यवाद दिलबाग विर्क जी..!!

priyankaabhilaashi said...

धन्यवाद उड़न तश्तरी जी..!!