Friday, October 21, 2011

'राज़-ए-दिल..'





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"राज़-ए-दिल जाने ना कोई..
हम-ज़लीस पहचाने ना कोई..!!"


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6 ...Kindly express ur views here/विचार प्रकट करिए..:

चन्द्र भूषण मिश्र ‘ग़ाफ़िल’ said...

aisa bhi kya!

Unknown said...

अच्छा है...वैसे हम ज़लीस नहीं जानेंगे ..समझेंगे तो फिर कौन?????

Unknown said...

धन्यवाद चन्द्र भूषण मिश्र 'गाफिल' जी..!!

Unknown said...

धन्यवाद दी..!!

सागर said...

very nice.. happy diwali...

Unknown said...

धन्यवाद सागर जी..!!