Tuesday, October 11, 2011

'ईमान-ए-जूनून..'




...


"ख़्वाबों को लगा आया हूँ..
रूह की निगरानी पर..
ईमान-ए-जूनून..
महंगा हो चला..
इन दिनों..!!"


...

18 ...Kindly express ur views here/विचार प्रकट करिए..:

M VERMA said...

क्या खूबसूरत खयाल है : रूह की निगरानी ख्वाबो के द्वारा

Unknown said...

धन्यवाद एम वर्मा जी..!!

Sunil Kumar said...

बहुत सुंदर क्या बात है ...ख्वावों की निगरानी वह भी रूह पर

shephali said...

Bhaut Khub.....

-Mere Shabd

Unknown said...

रूह को किसी निगरानी की ज़रूरत होती है क्या???????तुम ख्वाब देखो.........सुन्दर सलोने ...रूह उनकी निगरानी करे...तुम्हारी दरख्वास्त ...आत्मा से परमात्मा तक पहुँच जायेगी..स्वतः !!

sushma verma said...

बहुत ही सुन्दर....

रश्मि प्रभा... said...

excellent

चन्द्र भूषण मिश्र ‘ग़ाफ़िल’ said...

क्या बात है! वाह! बहुत सुन्दर प्रस्तुति बधाई

Unknown said...

धन्यवाद सुनील कुमार जी..!!

Unknown said...

धन्यवाद शेफाली जी..!!

Unknown said...

धन्यवाद दी..!!

Unknown said...

धन्यवाद सुषमा 'आहुति' जी..!!!

Unknown said...

धन्यवाद रश्मि प्रभा जी..!!

Unknown said...

धन्यवाद चन्द्र भूषण मिश्र 'गाफिल' जी..!!

SAJAN.AAWARA said...

behtreeeeeeeeeeeeeeeeeeeeeeeen....
achcha laga padhkar,,
jai hind jai bharat

सागर said...

bhaut hi khubsurat....

Unknown said...

धन्यवाद सजन अवारा जी..!!

Unknown said...

धन्यवाद सागर जी..!!